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अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस पर भारत की राष्ट्रपति के हाथों होंगी सम्मानित
मुंबई। मशहूर अंतर्राष्ट्रीय विकलांग तैराक जिया राय का चयन विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार-2023 के लिए किया गया है। पुरस्कार समारोह 03 दिसंबर 23 को अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू़ पुरस्कार विजेता को सम्मानित करेंगे। ग़ौरतलब है कि भारत सरकार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय विभाग हर वर्ष 03 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस के अवसर पर इस पुरस्कार की पुष्टि करता है। 15 वर्षीय जिया राय पहले भी कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकीं हैं, जिनमें प्रतिष्ठित प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबी) - 2022, 18 वर्ष से कम आयु के नागरिकों का सर्वोच्च पुरस्कार, उत्तर प्रदेश विकलांगता पुरस्कार -2021, शिवर-कैनेडी स्टूडेंट अचीवमेंट अवार्ड (यूएसए) भी शामिल हैं। हालन ही में जिया राय को डॉ टेम्पल ग्रैंडिन पुरस्कार (यूएसए) से भी सम्मानित किया गया था। बता दें कि 15 वर्षीय जिया राय ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर नामक बीमारी से ग्रसित है। 
क्याऑ है टिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्ड?
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक प्रकार की डेवलपमेंटल डिसएबिलिटी है जिसमें एक व्यक्ति ठीक प्रकार से कम्यूनिकेट करने और खुद को एक्सप्रेस करने की क्षमता खो देता है। इस बीमारी में दूसरे के व्यवहार और अभिव्यक्ति को समझने की क्षमता कम हो जाती है। इससे पीड़ित लोगों में सामान्य रूप से व्यवहार करने में समस्या होती है। यह बच्चों को ज़्यादा ट्रिगर करती है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम के लक्षण में बच्चों में बचपन से ही दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में इस बीमारी का समय रहते इलाज कराना ज़रूरी है नहीं तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।


ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित जिया राय विकलांगता के बावजूद, वह भारत की अंतर्राष्ट्रीय ओपन वॉटर पैरा तैराक और ओपन वॉटर तैराकी में विश्व रिकॉर्ड धारक हैं। उन्होंने छह सदस्यीय रिले टीम के रूप में मुंबई से गोवा और वापस वसई किले तक 11 दिन 22 घंटे और 13 मिनट में 1100 किमी. की दूरी तय करके देश को गौरवान्वित किया है। वह टीम की सबसे कम उम्र की और एकमात्र एकल महिला प्रतिभागी रही हैं। मिस जिया राय ने 20 मार्च 2022 को विश्व रिकॉर्ड समय में तलाईमन्नार (श्रीलंका) से धनुषकोडी (भारत) तक 29 किमी. की दूरी 13 घंटे और 10 मिनट में तय करते हुए पाॅक स्ट्रेट को पार कर भारत का नाम रोशन किया है। 13 साल और 10 महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर जिया राय पाॅक स्ट्रेट को पार करने वाली विश्व की सबसे कम उम्र की और सबसे तेज़ महिला तैराक बन गईं। उनके तैराकी रिकाॅर्ड को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम(18 फ़रवरी 21) में इस उपलधि पर सराहना की थी। उनकी तैराकी उपलब्धि एशिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। भारत की युवा चैंपियन ने एक लंबा सफ़र तय किया है। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ के सगड़ी तहसील के रहने वाले जिया राय के पिता मदन राय भारतीय नेवी में एक अधिकारी है। पिता मदन राय का कहना है कि दो वर्ष की उम्र में जिया के बौद्धिक विकलांगता (ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर) का पता चला था। किसी भी अन्य बच्चे के विपरीत, ऑटिस्टिक बच्चे को प्रशिक्षण देना और उसे प्रतियोगिता की अमूर्त अवधारणा को समझाना माता-पिता के लिए एक कठिन कार्य है। हालांकि जिया समुद्र की धारा को समझने जैसी तकनीकी बाधा को जल्दी से समझ लेती थी, लेकिन लाइन शुरू करने के लिए गति जैसी सरल चीजें जिन्हें सीटी से बदलना पड़ता है, उन्हें बहुत सारी कंडीशनिंग और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।