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सहारनपुर व शामली में हुए मॉब लिंचिंग के विरोध में अल्पसंख्यक कांग्रेस का राष्ट्रपति को ज्ञापन
लखनऊ। छत्तीसगढ़ में सहारनपुर व शामली निवासी युवकों के साथ मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध में शनिवार 29 जून को अल्पसंख्यक कांग्रेस ने ज़िला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्यवाई की मांग की है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस उप्र के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विरोध में लोकसभा चुनाव परिणाम आए हैं तभी से भाजपा और एनडीए को वोट न करने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की हत्यायें की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश तथा देश के कई अन्य राज्यों विशेषकर भाजपा शासित राज्यों से वर्ग विशेष समुदाय के साथ हिंसा तथा माॅब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गयी हैं। 
 

शाहनवाज़ ने कहा कि इस प्रकार कि हत्याएं विशुद्ध तौर पर विरोधी मतदाताओं की राजनैतिक हत्या है जिनमें भाजपा और आरएसएस से जुड़े अपराधी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 7 जून को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और महासमुंद सीमा पर मवेशी लेकर जा रहे सहारनपुर निवासी सद्दाम कुरैशी (23), उसके चचेरे भाई गुड्डू ख़ान (35) तथा चांद मिया ख़ान (23) पर भाजपा से जुड़े अपराधियों ने महानदी नदी के पुल पर रोक कर हमला कर दिया और मरा समझकर फेंक दिया। पुलिस को तीनों युवक पुल के नीचे पड़े मिले जिसमें से दो की उसी दिन मृत्यु हो गई थी जबकि जीवित बचे एकमात्र चश्मदीद सद्दाम ने 18 जून को दम तोड़ दिया।
 

शाहनवाज़ ने बताया कि इन तीनों युवकों के हत्यारे आज़ाद घूम रहे हैं क्योंकि उन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है। राष्ट्रपति को ज्ञापन के माध्यम से घटना में शामिल सभी हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने सीपी तथा डीएम को तत्काल निलंबित करने एवं मरने वाले तीनों युवकों के परिवार को उचित मुआवज़ा व सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है।