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सबसे बड़ा आतंकी मुल्क है अमरीका और ब्रिटेन की नाजायज औलाद इज़राइल

लखनऊ। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सज्जाद नोमानी ने एक बार फिर इज़राइल को विश्व शांति के लिए बड़ा ख़तरा बताया। मौलाना नोमानी ने बयान जारी करते हुए कहा कि पूरे विश्व में ये ख़बर फैलायी जा चुकी है कि अपने मुल्क फ़ि़लिस्तीन की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वालों ने दहशतगर्द इज़रायल पर हमला कर दिया है। जबकि यह बात पूरे विश्व के हर इंसाफ़ पसंद व्यक्ति को मालूम है कि दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी मुल्क अगर कोई है तो वो इज़राइल है। इज़राइल एक तरह से अमरीका और ब्रिटेन की नाजायज औलाद है। अंग्रेज़ों और यहूदियों ने साज़िश करके फ़िलिस्तीन में इज़रायल को बसाया, जो नाजायज था।
इज़रायल अहंकार में फ़िलिस्तीन पर सदियों से ज़ुल्म करता आया है
उन्होंने बताया कि इज़रायल दुनिया की बड़ी ताकतों ख़ास तौर पर अमरीका और अरब देशों की अय्याशियों व लापरवाही की वजह से मज़बूत होता चला गया। परमाणु शक्ति बनने में इज़रायल पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई। इज़रायल अहंकार में फ़िलिस्तीन पर सदियों से ज़ुल्म करता आया है। हज़ारों की संख्या में मासूम फ़िलिस्तीनियों को मार डाला और बलपूर्वक उनके घरों पर कब्जा करते जा रहे हैं।
मौलाना सज्जाद नोमानी ने कहा कि मैं हमास के जिंदादिल नौजवानों को मेरा सलाम है जिन्होंने अपने आप को संगठित करके इज़रायल पर बड़ा हमला किया। आतंकवाद स्टेट इज़राइल द्वारा फ़िलिस्तीनियों को गाज़ा पट्टी में कैद कर दिया गया है, जो विश्व की सबसे बड़ी खुली जेल है। 
फ़िलिस्तीन के लिए रोज़ा रखें, सदक़ा करें और नमाज़ों में दुआ करें
मौलाना नोमानी ने कहा कि दुनिया हैरान है कि इतनी सख्त बन्दिशों और पाबंदियों के बावजूद किस तरह से हमास एक सैन्य शक्ति बन गया है। मैं पिछले कई दशकों से कह रहा हूं कि जो दुनिया में जु़ल्म और इंसाफ़ की आख़िरी निर्णायक जंग फ़िलिस्तीन में ही होगी। मुझे इस्लाम की सच्चाई और क़ुरआनी फ़रमान पर पूरा यक़ीन है। मुस्लिम धर्मगुरु ने अपील करते हुए कहा कि ‘मैं तमाम मुसलमानों से गुज़ारिश करता हूं कि हम फ़िलिस्तीन के लिए रोज़ा रखें, सदक़ा करें और नमाज़ों में दुआ करें।

अफ़सोस कि भारत सरकार ने इज़रायल के पक्ष में बयान जारी किया
भारत सरकार के रुख़ पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना नोमानी ने कहा कि मुझे अफ़सोस है कि हमारे देश की सरकार ने इज़रायल के पक्ष में बयान जारी किया है जबकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने कहा था कि ‘फिलिस्तीनी जगह उसी तरह अरबों का है जिस तरह इंग्लैंड अंग्रेजों का है या फ्रांस फ्रांसीसियों का है। यह ग़लत भी होगा और अमानवीय भी कि यहूदियों को अरबों पर जबरन थोप दिया जाए।’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने कहा था कि ‘अरबों की जिस ज़मीन पर इज़रायल कब्ज़ा करके बैठा है, वो ज़मीन उसको ख़ाली करना होगी।’ वहीं जेल से रिहा होने के बाद नेल्सन मंडेला ने यासिर अराफ़ात से कहा था कि ‘हमारे संघर्ष और (फिलिस्तीन मुक्ति संगठन) के संघर्ष के बीच कई समानताएं हैं। हम (दक्षिण अफ्रीकी और फिलिस्तीनी) उपनिवेशवाद के एक अनोखे रूप के तहत रहते हैं।’
मौलाना नोमानी ने कहा कि भारत में हमेशा से यह परम्परा रही है कि सच का साथ देना चाहिए। हम अपने देश के कर्तव्यनिष्ठ नागरिक होने के नाते भारत सरकार से अपील करते हैं कि अपने फैसले पर ग़ौर करें। विश्व शांति के लिए इज़रायल खतरा साबित होता रहा है।