img

तीन महिलाओं ने उठा रखी है ग़रीब बच्चों को शिक्षित करने की ज़िम्मेदारी
लखनऊ। ’’हर रोज़ नज़रों से हिसाब मांगते हैं, जनाब ग़रीब के बच्चे भी किताब मांगते हैं।’’
देश भर में गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे जोश और जूनून के साथ मनाया गया वहीं राजधानी लखनऊ स्थित आदर्श कालोनी के नाम से मशहूर समर विहार कालोनी में गणतंत्र दिवस का उत्सव हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे उत्साह एवं जोश के साथ मनाया गया लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस के उत्सव में समर विहार कालोनी के आसपास रहने वाले ग़रीब बच्चों को भी शामिल किया गया। झंडा रोहण के उपरांत बच्चों ने विभिन्न प्रकार के मनोरंजक खेलों तथा रंगारंग कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सबका मन मोह लिया। इस बार के गणतंत्र दिवस की विशेषता यह रही कि आसपास के ग़रीब बच्चों ने भी खेलकूद तथा रंगारंग प्रस्तुति में जमकर हिस्सा लिया। इस अवसर पर पूर्व पार्षद गिरिश मिश्रा, भाजपा मंडल अध्यक्ष सचिन वैश्य तथा समरविहार वेलफ़ेयर ऐसो. के अध्यक्ष केएस एबट ने बच्चों को पुरस्कृत किया।
‘‘फ़ना होने की इजाज़त ली नहीं जाती, ये वतन की मोहब्बत है जनाब पूछ के की नहीं जाती’’।
किसी का सपना है आईएएस बनने का तो कोई डाक्टर बन करना चाहता है सेवा
ऐसा माना जाता है कि समाज में सबसे बहुमूल्य चीज यदि कोई है तो वो है “ज्ञान”। मानव के मूलभूत अधिकारों में ज्ञान की प्राप्ति प्राथमिकता में होना चाहिए। हर व्यक्ति का पहला सपना शिक्षित व्यक्ति बनने का होना चाहिए क्योंकि शिक्षित व्यक्ति ही समाज में परिवर्तन ला सकता है। ऐसा ही परिवर्तन लाने का श्रेष्ठ काम कर रहीं हैं समरविहार कालोनी की तीन महिलाएं। मंजू कपूर, रजिंदर कौर तथा श्रीमती गंभीर प्रतिदिन शाम 5 बजे से ही ऐसे बच्चों को शिक्षित करने का काम करतीं हैं जिनके पास न तो काॅपी-किताब ख़रीदने के पैसे हैं और न ही ऐसा माहौल। दिन भर मैले कुचैले कपड़ों में घूमने वाले बच्चों को शिक्षा देकर तीनों महिलाओं ने इन बच्चों के अंधकारमय सपनों को साकार करने का काम किया है। रागिनी का सपना है कि वो एक डाक्टर बन कर लोगों की सेवा करे तो वहीं सत्यम एक आईएएस बनने का सपना संजोए है। ऐसे कई बच्चे हैं जिनके सपनों को पंख देने का काम समरविहार के सेंट्रल पार्क में ये तीनों महिलाएं निभा रही हैं। मंजू कपूर, रजिंदर कौर तथा श्रीमती गंभीर का कहना है कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें सफलता की ओर अग्रसर करता है। शिक्षा ही संसार में हमें श्रेष्ठ बनाती है। बच्चों में सिर्फ किताबी ज्ञान ही शिक्षा नहीं होता, बल्कि इनका मानसिक विकास भी इनकी सफलता के लिए आवश्यक है।