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संस्थान की 11 वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशिलयालिटी संस्थान को मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसकी कवायद तेज कर दी गई है। बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में 11 वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई कि संस्थान में गरीबों को पूर्व की भांति इलाज तथा सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। 
कैंसर मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान को टाटा मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। टाटा में रेवन्यू शेयर मॉडल लागू है। इसके तहत सशुल्क ओपीडी, भर्ती, जांच आदि सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इसमें पंजीकरण कराने वाले मरीजों से होने वाली आय का कुछ हिस्सा डॉक्टरों को प्रदान किया जाएगा। बाकी संस्थान के खाते में जाएगा। जिससे संस्थान को विकसित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन, कुलसचिव डॉ. देवाशीष शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 
निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी, भर्ती जांच आदि की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी। इसमें किसी भी प्रकार का रद्दोबदल नहीं किया जाएगा। सीएम, पीएम फंड, आयुष्मान, पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना आदि का लाभ मरीजों को मिलता रहेगा। जांच व इलाज का शुल्क भी सामान्य रहेगा।
 309 करोड़ का बजट अनुमोदित
निदेशक ने बताया कि संस्थान में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 309 करोड़ रुपये के बजट भी अनुमोदित किया गया है। इससे संस्थान में मरीज व तीमारदारों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। डॉक्टर व कर्मचारियों के लिए संसाधन भी बढ़ाए जाएंगे। जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति पूरी करने के लिए भी कहा गया है।
 नए कोर्स के संचालन को मंजूरी
डॉ. आरके धीमन ने बताया कि चार विभाग में इलाज संग पढ़ाई भी होगी। डीएम इन आंको एनस्थीसिया, एमसीएच इन न्यूरो आंको सर्जरी, एमडी इन रेडिएशन आंकोलॉजी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में पीडीसीसी कोर्स संचालित किया जाएगा। कोर्स संचालन की मंजूरी के लिए जल्द ही नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्थान के कई विभागों में पीडीसीसी व पीडीएफ कोर्स चल रहे हैं।
 

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान की 100वीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान की 100वीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग का आयोजन एसजीपीजीआई में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार और संस्थान के अध्यक्ष दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। मीटिंग में शासी निकाय ने मौजूदा ‘‘टेलीमेडिसिन और बायोइन्फॉर्मेटिक्स स्कूल’’ को पूरी तरह से ‘‘टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य विभाग’’ में परिवर्तित करने का बड़ा निर्णय लिया। टेलीमेडिसिन विभाग संस्थान के विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों को आउटरीच सेवाएं प्रदान करेगा और रोग निगरानी व निरीक्षण के साथ-साथ डेटा संग्रह, विश्लेषण और सूचित निर्णय लेने की सुविधा भी प्रदान करेगा। संस्थान का प्रतिनिधित्व संस्थान के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन, कर्नल वरुण बाजपेयी, रजिस्ट्रार, श्री विश्वजीत राय, वित्त अधिकारी और कुछ संकाय सदस्यों के साथ शासी निकाय के अन्य सदस्यों ने किया। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित वित्त विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
 नव निर्मित विभाग को आई टी और डिजिटल सूचना विज्ञान क्षेत्र से चार और डिजिटल स्वास्थ्य और नैदानिक क्षेत्र से चार, कुल आठ संकाय पद भी स्वीकृत किए गए। बाल रोगियों के लिए नए गुर्दे विज्ञान विभागों के निर्माण को भी मंजूरी दे दी और पीडियाट्रिक यूरोलाजी विभाग और पीडियाट्रिक  नेफ्रोलॉजी विभाग को मंजूरी दे दी। गवर्निंग बॉडी ने ऑर्थोपेडिक्स विभाग को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें  ऑर्थोपेडिक्स, स्पोर्ट्स मेडिसिन, हैंड सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी और हिप और जॉइंट सर्जरी में एम डी सहित नए पाठ्यक्रम शुरू किये जायेंगे।