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मोहम्मद ज़ाहिद अख़्तर

‘आप’ सांसद संजय सिंह को 6 महीने बाद मिली ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट में ED ने नहीं किया बेल का विरोध 
आम आदमी पार्टी के तेज़ तर्रार राज्यसभा सांसद तथा उप्र के प्रभारी रहे संजय सिंह को आख़िरकार 6 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ज़मानत दे दी। ज़मानत पर रिहा होते ही संजय सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी से उनके घर जाकर मुलाकात की। इसके बाद संजय सिंह ने दिल्ली आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में संजय सिंह भारतीय जनता पार्टी विशेषकर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर बरसे। उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती तक दे डाली। देश के प्रधानमंत्री को तानाशाह बताते हुए संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी को हर लम्हे का जवाब देना होगा। देश का क़ानून सबके लिए बराबर है। हम यदि हर राज्य में उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर दे तो एक मामूली सिपाही भी मोदी और अमित शाह का दरवाज़ा खटखटाकर उन्हें थाने तलब कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर भाजपा ने दिल्ली की दो करोड़ जनता का दिल तोड़ने का काम किया है उनके सपनों को चूर करने का काम किया है।
ग़ौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजय सिंह को ईडी ने 4 अक्टूबर वर्ष 2023 को गिरफ्तार किया गया था। हम आपको बताते हैं कि सुनवाई के दौरान देश की सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी से क्या सवाल किया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ED से सवाल किया था कि संजय सिंह को और ज़्यादा दिन जेल में रखे जाने की ज़रूरत है क्या? कोर्ट ने यह भी कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि गवाहों के सामने उनके बयान हुए। 6 महीने तक वे जेल में रहे। ED ने अदालत से कहा कि हमें कोई ऐतराज़ नहीं है। इसके बाद अदालत ने संजय सिंह को ज़मानत देने का फै़सला सुनाया।
दरअसल ED दिल्ली शराब घोटाला केस में इसी वर्ष जनवरी में ED ने अपनी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जोड़ा था। मई 2023 में संजय सिंह ने दावा किया कि ED ने उनका नाम ग़लती से जोड़ दिया है। ईडी ने इस पर कहा- हमारी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। इनमें से तीन जगह नाम सही लिखा गया है जबकि एक जगह टाइपिंग की ग़लती हो गई थी।
संजय सिंह की बेल का विरोध न कर सकी ED
संजय सिंह के वकील ऋषिकेश कुमार के अनुसार- लंच के पहले और लंच के बाद 2 कार्यवाही हुई। लंच के पहले कोर्ट ने कहा कि जैसी बहस हुई है उस आधार पर संजय सिंह के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिला है। आप इस पर निर्देश लेकर आएं और बताएं कि आप क्या करना चाहते हैं, क्योंकि अगर हमने ऑर्डर में लिख दिया कि इनके ख़िलाफ़ कोई केस नहीं बनता है तो ये आपके (ED) लिए नुकसानदेह हो सकता है। इस पर ED ने कहा कि हमें कोई परेशानी नहीं है, इन्हें बेल दे दी जाए।
ED का संजय सिंह पर आरोप
ED की चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने की बात कही गई है। इसी बात को लेकर ईडी 4 अक्टूबर को संजय सिंह के घर पहुंची थी जिसके बाद उनसे 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।। दिल्ली शराब नीति केस में ED की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 2 मई को जारी की गई थी। जिसमें ‘आप’ सांसद राघव चड्ढा का भी नाम सामने आया था। हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया।
हमारा बेटा निर्दोष है, ईमानदार है उसे बेल तो मिलनी ही थी
संजय सिंह की मां राधिका सिंह ने कहा- आज सुबह संजय से मिले थे, लेकिन ज़मानत को लेकर कोई बात नहीं हुई थी लेकिन भगवान ने हमारी सुन ली। उन्होंने कहा कि हम उस दिन बहुत रोए थे जिस दिन ED ने हमारे बेटे को हमारे सामने गिरफ्तार कर ले गई थी। उन्होंने कहा कि जो ईमानदार रहता है उसकी भगवान कभी ना कभी सुनते हैं।
राधिका सिंह ने कहा- बिना किसी सबूत के ऐसे ही हमारे लड़के को पकड़ ले गए। वो बीमार है, पेट में तकलीफ़ है। हमारा बेटा निर्दोष है, ईमानदार है उसे बेल तो मिलनी ही थी। वैसे तो उसे जेल जाना ही नहीं था, लेकिन ज़बरदस्ती पकड़ कर ले गए थे। 
आईये हम आपको बताते हैं दिल्ली शराब नीति लागू होने से लेकर ‘आप’ के तीन बड़े नेताओं की गिरफ्तारी की कहानीः-
वर्ष 2021 नवंबर में दिल्ली की नई शराब नीति लागू हुई
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस नीति से शराब की दुकानें निजी हाथों में चली जाएंगी। सिसोदिया ने नई नीति लाने पर दो तर्क दिए। पहला- माफ़िया राज ख़त्म होगा। दूसरा- सरकारी खज़ाना बढ़ेगा।
17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू कर दी गई। इससे शराब कारोबार सरकार से बाहर हो गई और यह व्योपार निजी हाथों में चला गया। कई बड़े डिस्काउंट देने से शराब की जमकर बिक्री हुई। इससे एक तरफ़ सरकारी खज़ाना तो बढ़ा, लेकिन दूसरी तरफ़ इस नई नीति का विरोध ज़ोर पकड़ने लगा।
जुलाई 2022- शराब नीति में घोटाले का आरोप लगा
8 जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नई शराब नीति में घोटाला होने का आरोप लगाया। उन्होंने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को सौंपी जिसमें बताया गया कि मनीष सिसोदिया ने लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया है। उधर, LG ने भी कहा है कि उनकी और कैबिनेट की मंज़ूरी के बिना ही शराब नीति में बदलाव कर दिए गए।
अगस्त 2022- CBI और Enforcement Directorate (ED) ने केस दर्ज किया
एलजी सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर CBI जांच की मांग की। 17 अगस्त 2022 को जांच एजेंसी ने केस दर्ज किया। इसमें मनीष सिसोदिया, तीन रिटायर्ड सरकारी अफ़सर, 9 बिज़नेसमैन और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया। सभी पर भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया गया। 
19 अगस्त को सिसोदिया के घर और दफ़्तर समेत सात राज्यों के 31 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस पर मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि सीबीआई को कुछ नहीं मिला। इधर, 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CBI से मामले की जानकारी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया।
जुलाई 2022- सरकार ने नई नीति को रद्द किया
विवाद बढ़ता देख 28 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति को रद्द करते हुए दोबारा पुरानी नीति को लागू करने का फै़सला लिया। 31 जुलाई को सरकार ने कैबिनेट नोट में बताया कि शराब की ज़्यादा बिक्री के बाद भी सरकार की कमाई कम हुई, क्योंकि खुदरा और थोक कारोबारी शराब के धंधे से हट रहे थे।
26 फरवरी, 2023-  CBI ने सिसोदिया को गिरफ़्तार किया 
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास एक्साइज डिपार्टमेंट था, इसलिए उन्हें कथित तौर पर इस घोटाले का मुख्य आरोपी बनाया गया। कई बार पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने 26 फ़रवरी को उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। फ़िलहाल सिसोडिया जेल में हैं। CBI ने सिसोदिया पर आरोप लगाया कि एक्साइज़ मिनिस्टर होने के नाते उन्होंने मनमाने और एकतरफ़ा फ़ैसले लिए, जिससे खज़ाने को भारी नुकसान पहुंचा और शराब कारोबारियों को लाभ। 
4 अक्टूबर, 2023-  ED ने संजय सिंह को गिरफ़्तार किया
संजय सिंह का नाम कथित शराब घोटाले में ईडी की चार्जशीट में सामने आया था। ये चार्जशीट 2022 में दायर की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कथित शराब घोटाला मामले में अभियुक्त से गवाह बने दिनेश अरोड़ा के बयान के बाद संजय सिंह की गिरफ़्तारी हुई।
बता दें कि दिनेश अरोड़ा, दिल्ली के चर्चित रेस्तरां कारोबारी हैं। वे नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के सदस्य भी हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दिनेश अरोड़ा ने ईडी को बताया कि संजय सिंह के कहने पर उन्होंने मनीष सिसोदियो को 82 लाख रुपए दिए, जिसका इस्तेमाल दिल्ली विधानसभा चुनावों में किया गया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ED ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले में 21 मार्च को गिरफ़्तार किया था। इसके पूर्व ED ने केजरीवाल को 9 समन भेजा था। हांलांकि वे एक भी समन पर पेश नहीं हुए। इस दौरान ED और केजरीवाल दोनों समन को लेकर कोर्ट पहुंचे थे। ED ने केजरीवाल को 17 मार्च को 9वां समन भेजा था। केजरीवाल 19 मार्च को समन के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनकी याचिका पर 20 मार्च को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने बार-बार समन भेजने को लेकर ED को तलब किया।
केजरीवाल ने कोर्ट से ये भरोसा मांगा था कि अगर वे पूछताछ के लिए ED जाते हैं तो उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जाए। कोर्ट ने साफ़ किया कि केजरीवाल को ED के सामने पेश होना होगा, उनकी गिरफ़्तारी पर रोक नहीं है। कोर्ट के फ़ैसले के बाद इसी दिन शाम को ED केजरीवाल के घर पहुंची और करीब 2 घंटे की पूछताछ के बाद रात को गिरफ़्तार कर लिया।